प्रतिमा या चित्र की स्थापना:- जिस देवता से संबंधित मंत्र का जप कर रहे हैं, उनकी प्रतिमा या चित्र अपने सामने रखें। जप आरंभ करने से पहले देवता की पूजा करें। सामने गादी बैठे राजा, पीडो बैठे प्राजा मोहे। ब्रह्मचर्य व्रत का पूर्ण रूप से पालन करें। सिद्ध हो जाता https://vashikaran-specialist01122.diowebhost.com/94549376/rumored-buzz-on-galat-samay-par-ki-gayi-sadhna-vipreet-asar-bhi-de-sakti-hai